पेश हैं कुछ तस्वीरें और एक साक्षात्कार
पेश हैं कुछ तस्वीरें और एक साक्षात्कार
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क्या आपने माननीय मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह जी का करण थापर के साथ साक्षात्कार पढा है। नही तो जरूर पढिये, यह जानने के लिये कि हमारे ये नीति निर्धारक कितने जानकार हैं।
और पेश हैं कुछ तस्वीरें।
ये छात्र भारत के सबसे होनहार छात्रों में से हैं। भारत एक प्रजातांत्रिक देश है। विरोध प्रदर्शन का अधिकार क्या सबको नही। जब लोग एक फिल्म पर विरोध करते हैं तो सरकार की अन्यायपूर्ण नीतियों पर, या समानता के अधिकारों पर प्रदर्शन क्या गलत है। सात सप्ताह तक दिल्ली की अप्रैल मई की भीषण गरमी में चले इस विरोध की कुछ तस्वीरें।
समानता के अधिकारों पर प्रदर्शन

कल के चिकित्सक

संघर्ष के क्षण

लडाई जारी

ये भी देखिये

और ये भी

ये है क्लासरूम
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क्या आपने माननीय मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह जी का करण थापर के साथ साक्षात्कार पढा है। नही तो जरूर पढिये, यह जानने के लिये कि हमारे ये नीति निर्धारक कितने जानकार हैं।
और पेश हैं कुछ तस्वीरें।
ये छात्र भारत के सबसे होनहार छात्रों में से हैं। भारत एक प्रजातांत्रिक देश है। विरोध प्रदर्शन का अधिकार क्या सबको नही। जब लोग एक फिल्म पर विरोध करते हैं तो सरकार की अन्यायपूर्ण नीतियों पर, या समानता के अधिकारों पर प्रदर्शन क्या गलत है। सात सप्ताह तक दिल्ली की अप्रैल मई की भीषण गरमी में चले इस विरोध की कुछ तस्वीरें।
समानता के अधिकारों पर प्रदर्शन

कल के चिकित्सक

संघर्ष के क्षण

लडाई जारी

ये भी देखिये

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ये है क्लासरूम

3 Comments:
अंग्रेजों को तो हमारे देश से गए जमाना हो गया पर ये अर्जुन सिंह जैसे नेता उनकी फूट डालो और राज करो की नीति पर आज भी अमल कर रहे हैं। आज तक हम दोस्तों के दिलों में जाति या धर्म की बात नहीं आई थी पर अब हम आरक्षण विरोधी हैं और वे आरक्षण समर्थकों के साथ खड़े हैं। एम्स में होने के कारण बहुत करीब से लोगों के दिलों में एक दूसरे के लिए आई कड़वाहट को महसूस किया है मैंने।
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शालिनी जी, बस यही तो चाहते हैं ये राजनीतिज्ञ। मुझे याद है जब मै छात्रावास में था कैसे हम रातोंरात मंडल या मंदिर पर बँट गये थे। गलबहियॉ डालकर घूमने वाले दोस्त यार अजनबी हो गये थे।
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